डॉ हेमंत कुमार जैन ने बताए कोरोना वाइरस से बचाव के तरीक़े

डॉ हेमंत कुमार जैन ने बताए कोरोना वाइरस से बचाव के तरीक़े
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डॉ हेमंत कुमार जैन ने बताए कोरोना वाइरस से बचाव के तरीक़े

सम्पूर्ण विश्व इस समय कोरोना वाइरस के ख़तरे से परेशान है , अरविन्दो एक्सप्रेस ने अपने पाठकों क़ो कोरोना वाइरस के बारे में जानकारी देने के लिए दतिया मेडिकल क़ोलेज के डॉ हेमंत कुमार जैन से साक्षात्कार किया और जानकारी ली

डॉ जैन -नमस्कार में डॉ हेमंत कुमार जैन सहायक प्राध्यापक , मेडिकल कोलेज दतिया एम॰पी॰ , अभी में सचिव , इंडीयन मेडिकल असोसीएशन दतिया भी हूँ  ।

प्रश्न- आप बताइए कि यह कोरोना नामक बीमारी क्या है

उत्तर – यह एक वाइरस जनित संक्रमण है जो कि चाइना के हूबे प्रांत के वुहान शहर में सर्वप्रथम पाया गया , यह संक्रमण कोरोना फ़ैमिली के एक नए विषाणु से फ़ेला है , इसलिए इसे नोबेल (नया) कोरोना वाइरस भी कहा जा रहा है , प्रायः इस परिवार के विषाणु जानवरो के शरीर में बास करते रहे है परंतु किसी म्यूटेशन के कारण यह मनुष्यों में फैलने की क्षमता पा गया ।

प्रश्न-तो क्या पहले यह वाइरस नहि पाया गया था ?

उत्तर-नहीं , यह वाइरस नया है ।

प्रश्न-क्या अपने देश में भी इस बीमारी के फ़ेलने का ख़तरा है

उत्तर-जी हाँ , हमारा देश अत्यधिक जनसंख्या घनत्व वाला देश है , अगर यह फ़ेला तो बहुत ख़तरनाक होगा ।

प्रश्न-भारतवर्ष में इस बीमारी को रोकने के क्या उपाय किए गए हैं ?

उत्तर-चाइना और अन्य देशों से आने वाले यात्रियों की हवाईअड्डों और बंदरगाहों पर थर्मल स्क्रीनिंग की जा रही है और अगर किसी व्यक्ति को बुखार , सर्दी के लक्षण पाए जा रहे है तो उन्हें एकांत में रखकर जाँच की जा रही है ।

प्रश्न-कितने मरीज़ अभी तक इस बीमारी से ग्रशित पाए गए है ?

उत्तर-भारत में अभी तीन मरीज इस वाइरस यानी विषाणु से ग्रसित पाए गए हैं ।
विश्व भर में यह संख्या क़रीब २८००० हो गयी है जो दिनो दिन बढ़ती जा रही है ।

प्रश्न-हम लोग यानी सामान्य जनता क्या करे इस परिस्थिति में ??

उत्तर-सामान्य ही नहीं सभी प्रकार के भारतीय नागरिकों को निम्न सावधानियाँ बरतने की आवश्यकता है
– किसी भी विदेश यात्रा से लौटे व्यक्ति की सूचना स्वस्थ्या विभाग को दी जानी चाहिए और उससे दूरी बना कर रखें जब तक यह तय ना हो जाए कि वह संक्रमित नहीं है ।
– किसी भी संक्रमित व्यक्ति को एकांत में इलाज करवाना चाहिए और व्यक्तियों से मेलजोल नहीं करना चाहिए
-अगर आप किसी संक्रमित व्यक्ति के सम्पर्क में आएँ तो आप भी जल्द से जल्द चिकित्सकीय सलाह लें
– जिन व्यक्तियों को खांसी जुकाम बुखार है उनसे पर्याप्त दूरी रखना तो हर प्रकार से सही रहता है
– हाथ और पैरों को , किसी भी व्यक्ति या सामान को छूने के बाद तुरंत साबुन से धोए तथा हाथों से मुँह, चेहरे और होठों को ना छुएँ।

क्या इस बीमारी से बचने के लिए किसी वैक्सीन या दवा का ईजाद हुआ है ?

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रयास  जारी हैं , अभी हाल में ही आइसीएमआर (इंडीयन काउन्सिल फ़ोर मेडिकल रीसर्च ) ने
एच आइ वी में उपयोग होने वाली दवा लोपिनावीर एवं रिटोनविर को कोरोना वाइरस के भारत में फैलने की स्थिति में उपयोग करने की अनुमति दी है ।

वैसे क्या किसी भी जुकाम , खांसी और बुखार में हमें डरने की आवश्यकता है क्या ?

नहीं , परंतु चिकित्सकीय सलाह आवश्यक है ।

Manoj Goswami