सरकारी मदद ने रहीश को मजदूर से बना दिया वर्कशॉप का मालिक

सरकारी मदद ने रहीश को मजदूर से बना दिया वर्कशॉप का मालिक

दतिया 27 जुलाई 2019/ कभी किसी के यहां मजदूरी करने वाले रहीश खान मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना की मद्द से आज डीजल पंप वर्कशॉप के मालिक बन गए हैं। जो हाथ पहले काम मांगने के लिए उठते थे, वही अब काम देने के लिए उठने लगे हैं।

                डेढ़ साल पहले तक अड़तीस वर्षीय दतिया निवासी रहीश खान झांसी में एक किराए के मकान में रहकर वहां एक वर्कशॉप में मजदूरी किया करते थे। मजदूरी में मेहनत अधिक करनी पड़ती थी और पगार कम मिलती थी। लिहाजा इस मजदूर जीवन से निजात पाने  के लिए वह स्वयं की वर्कशॉप होने का सपना देखा करते थे, जो उन्हें सच होने में टेढ़ी खीर लग रहा था। पूंजी के लिए इधर-उधर हाथ-पैर मारे,पर उनको सफलता नहीं मिली।

                मगर पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण विभाग ने उनके सपने को हकीकत में बदलने के लिए 2लाख रूपये के अनुदान समेत कुल 7 लाख रूपये की ऋण राशि से डीजल पंप मरम्मत की वर्कशॉप स्थापित कराकर उनके कारोबार को शुरू कराया, तब से उनके हालात बदलने शुरू हो गए। यह वर्कशॉप उनके लिए आजीविका का आकर्षक साधन बन गई। इस कारोबार से उन्हें अच्छी कमाई होने लगी। एक साल के भीतर ही उनके यहां समृद्धि के लक्षण दिखने लगे।

                डेढ़ वर्ष पूर्व कुल सात लाख रूपये की पूंजी से एक किराए के भवन में डीजल पंप मरम्मत का काम शुरू करने वाले रहीश खान ने ना सिर्फ डीजल पंप मरम्मत का व्यवसाय स्थापित कर लिया, बल्कि इससे हुई कमाई से जल्द एक मोटर साईकिल खरीद ली। वह बैंक की किस्तें भी दे रहे हैं। उन्होंने एक नौजवान को काम पर भी रख लिया है। आज रहीश खान मालिक के तौर पर हर माह तीस हजार रूपये कमाते हैं, जबकि पहले मजदूर के तौर पर प्रतिमाह सात हजार रूपये ही कमा पाते थे। पहले जहां मजदूर के रूप में कमाते थे, वहीं आज मालिक के रूप में कमाते हैं।

                मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना को बेरोजगार नौजवानों हेतु अहमं बताते हुए जिला कलेक्टर श्री बीएस जामौद ने कहा, ‘‘जिले में इस योजना के तहत बड़ी संख्या में जरूरतमंद नौजवानों को स्वरोजगार में स्थापित किया जा रहा है।‘‘ पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण शाखा की सहायक संचालक श्रीमती सफलता दुवे कहती हैं, ‘‘मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना ने वाकई पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक वर्ग के कई बेरोजगारों और उद्योग स्थापना की लालसा पाले हुए व्यक्तियों की किस्मत बदल दी। इस योजना ने शहरी एवं ग्रामीण इलाके के लोगों की रोजी-रोटी का इंतजाम कर दिया है। अपने वर्कशॉप के कारोबार से खुश रहीश खान कहते हैं,‘‘ सरकारी मद्द ने उन्हें मजदूर से मालिक बनाकर नई जिंदगी दी है। स्वयं के कारोबार का मालिक बनकर उनका सीना खुशी से चौड़ा हो गया है। इसने तो मेरी दुनिया ही बदल दी है।‘‘

                वाकई इस योजना के जरिए जरूरतमंद नौजवानों को आत्मनिर्भर बनाने हेतु सलोने सपने बुनने की सोच देने और उन्हें हकीकत में बदलने के पीछे मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना तथा सरकार, का पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण विभाग कारगार साबित हो रहा है।

Manoj Goswami