प्रधानमंत्री आवास योजना में नहीं बनाया घर तो होगी एफ आई आर

पैसा लेकर घर न बनाने वालों पर होगी FIR, चेतावनी के बाद हड़कंप

 

केन्द्र सरकार की महत्वाकांक्षी प्रधानमंत्री आवास योजना मनमानियों के फेर में फंस कर लक्ष्य नहीं हासिल कर पा रही। सरकार सभी को पक्की छत देने के लिए प्रतिबद्ध है जबकि तमाम हितग्राही हैं जो पैसा लेकर भी घर बनाने को तैयार नहीं। ऐसे हितग्राहियों का आंकड़ा सौ-दो सौ नहीं बल्कि 22 हजार तक पहुंच चुका है, उन्हें पूरा करने की हर संभव कोशिश की गई, लेकिन अभी तक उपलब्धि के क्लब में शामिल नहीं किया जा सका।

गौरतलब है कि पीएम के द्वारा सभी को पक्का आवास देने की घोषणा की गई थी। वर्ष 2011 के सर्वे के आधार पर अकेले सतना जिले में 1 लाख 28 हजार 732 आवास जारी किए गए। जिसमें से स्वीकृत होने के बाद सभी को प्रथम किस्त जारी की गई। कमाल की बात तो यह है कि तमाम आवास ऐसे हैं जिनकी किस्तों का भुगतान सात साल पहले किया गया, फिर भी पूरे नहीं हो पाए। अधिकारियों ने इस लक्ष्य को पूरा करने में कोताही बरती या फिर हितग्राहियों ने ही घर बनाने में रुचि नहीं दिखाई, अब कारणों की भी तलाश शुरू कर दी गई है।

2024 तक सभी को पक्का घर देने का लक्ष्य
प्रदेश के हर जरूरतमंद को वर्ष 2024 तक पक्का घर देने का लक्ष्य है। इस लक्ष्य को पूरा करने पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग तथा नगरीय प्रशासन विभाग ने अवास उपलब्ध कराने की गति बढ़ा दी है। बावजूद शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में आवास नहीं मिलने की शिकायतें सामने आ रही हैं। दरअसल, कई जिलों में आवास अधूरे पड़े हैं। रीवा में आवास प्लस के आंकड़ों सहित 45,286, सतना में 31,072 राज्य सरकार ने वर्ष 2011 के सर्वे में नाम नहीं होने पर आवास प्लस में नाम जोड़ने सर्वे कराया था।

लोग लौटा रहे किस्त
आवास योजना के तहत मिलने वाली किस्त से आवास न बनाने वाले हितग्राहियों ने राशि सरेंडर कर दी है। अब तक जिले के लगभग डेढ़ सैकड़ा हितग्राहियों ने पैसा लौटा दिया है। बताया जाता है कि ज्यादातर लोग विवादों के चलते पैसा लौटा रहे हैं।

आवास नहीं बनवाएंगे तो होगी एफआईआर’
बताया जाता है कि पीएम आवास का लक्ष्य पूरा करने के लिए अधिकारियों ने जमकर परेड की तब भी सफलता नहीं मिली। अब इस मामले में हितग्राहियों पर शिकंजा कसने की तैयारी कर ली गई है। उन्हें आवास बनाने के लिए एक कॉमन नोटिस दी गई है। इस नोटिस में जल्द से जल्द आवास बनाने के साथ ही राशि वापसी की बात कही गई है। यदि ऐसा नहीं होता तब हितग्राहियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जा सकती है। जिला पंचायत सतना के पीओ पीएम आवास अवधेश सिंह ने बताया कि आवास पूर्ण कराने के लिए विभाग का अमला प्रयास कर रहा है। कुछ ऐसे भी हितग्राही हैं जिन्हें किश्त मिली, लेकिन वे कहीं और चले गए जिससे आवास पूरे नहीं हो पाए। विभाग का प्रयास है कि ऐसे लोगों से राशि सरेंडर कराई जाए। इस दिशा में काम किया गया है। यदि राशि नहीं देंगे और आवास नहीं बनाएंगे तो एफआईआर होगी।
Manoj Goswami