लोक कवि ईसुरी पर केंद्रित आयोजन कात ईसुरी बुंदेलखंड के लोक कवि की चौकड़िया मात्र मनोरंजन का साधन नहीं है बल्कि सामाजिक उत्थान वेदना और विरह संवेदना की अभिव्यक्ति का मूलाधार है _श्री विनोद मिश्र
लोक कवि ईसुरी पर केंद्रित आयोजन कात ईसुरी बुंदेलखंड के लोक कवि की चौकड़िया मात्र मनोरंजन का साधन नहीं है बल्कि सामाजिक उत्थान वेदना और विरह संवेदना की अभिव्यक्ति का …
लोक कवि ईसुरी पर केंद्रित आयोजन कात ईसुरी बुंदेलखंड के लोक कवि की चौकड़िया मात्र मनोरंजन का साधन नहीं है बल्कि सामाजिक उत्थान वेदना और विरह संवेदना की अभिव्यक्ति का मूलाधार है _श्री विनोद मिश्र Read More