भोपाल-कांग्रेस का दो दिन में 130 सीटों पर मंथन, 84 सीटों पर सिंगल नाम तय…

कांग्रेस का दो दिन में 130 सीटों पर मंथन, 84 सीटों पर सिंगल नाम तय…

सूत्रों के मुताबिक कमेटी की सोमवार और मंगलवार को हुई बैठकों में अब तक 130 सीटों पर मंथन हुआ। इसके पहले स्क्रीनिंग कमेटी को केंद्रीय चुनाव समिति 71 सीटों पर सहमति दे चुकी है। इस प्रकार लगभग 201 सीटों पर कांग्रेस विचार कर चुकी है। शेष सीटों पर बुधवार को स्क्रीनिंग कमेटी चर्चा करेगी। सूत्रों के मुताबिक मंगलवार को 64 सीटों पर चर्चा हुई, जबकि सोमवार की चर्चा में बची 31 सीटों में से 15 सीटों पर भी सिंगल नाम तय किये गए, दोनों दिन मिलकर कुल 130 सीटों पर मंथन हुआ है, जिसमे 84 सीटों पर सिंगल नाम को सहमति दे दी गई है| कहा जा रहा है कि पहली सूची के नाम फाइनल हो चुके हैं। स्क्रीनिंग कमेटी की बैठक के बाद बाद 26 अक्टूबर को केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक होगी। जिसमे पहली सूची पर मुहर लगने के बाद इसे जारी किया जायेगा| वहीं भोपाल, इंदौर और होशंगाबाद की सीटों पर विवादों के चलते बाकी सीटों पर चर्चा अटक गई है| सूत्र बताते हैं कि स्क्रीनिंग कमेटी की बैठक के पहले सांसद कांतिलाल भूरिया के साथ कमलनाथ की बैठक हुई। भूरिया ने अपने संसदीय क्षेत्र की सीटों के अलावा मालवा-निमाड़ के आदिवासी क्षेत्रों की अनुसूचित जनजाति आरक्षित सीटों पर चर्चा की। इसके बाद कमलनाथ स्क्रीनिंग कमेटी में शामिल हुए।  46 सीटें ऐसी हैं जिन पर विवाद की स्तिथि है जिसके चलते कोई फैसला नहीं हो पाया है|

फाइनल टिकट वालों को फ़ोन पर संकेत 

प्रत्याशी चयन में देरी से दावेदारों की सांसें भी अटकी हुई हैं, वह क्षेत्र में जनसम्पर्क शुरू नहीं कर पा रहे हैं| जिसका असर चुनाव पर पड़ सकता है| सूत्रों के मुताबिक जिन प्रत्याशियों के नाम सबकी सहमति के साथ फाइनल होते जा रहे हैं उन्हें इसके संकेत फ़ोन पर दिए जा रहे हैं, ताकि वह अपने क्षेत्र में सक्रिय हो जाए| हालांकि आधिकारिक रूप से फ़ोन नहीं किया जा रहा है, लेकिन टिकट फाइनल होने के संकेत नेता अपने समर्थकों को फ़ोन पर ही दे रहे हैं| पहली सूची जारी करने में कांग्रेस को कोई दिक्कत नहीं है, लेकिन दूसरी सूची वाली सीटों पर एकमत होना मुश्किल हो रहा है| दिग्गज नेताओं की राय आपस में टकरा रही है, जिसके चलते मालवा निमाड़ और भोपाल होशंगाबाद की सीटों पर स्तिथि गड़बड़ाई हुई है| इंदौर की सीटों पर कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह और कांग्रेस सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया के फीडबैक टकरा रहा है, करीब सात सीटों पर पूर्व सांसदों को उतारने का मन बनाया गया है, लेकिन अभी तक निर्णय नहीं हो पाया है|

दावेदारों का दिल्ली में डेरा 

प्रत्याशी चयन में गहन मंथन चल रहा है, इस बार कांग्रेस कोई रिस्क नहीं लेना चाहती है, साफ़ है जिताऊ चेहरे को ही टिकट देना है, लेकिन इस माथापच्ची में दिग्गज नेताओं की सहमति न बन पाने के चलते प्रत्याशी चयन में देरी हो रही है| वहीं टिकट के लिए दावेदार दिल्ली में डेरा डाले हुए हैं, कोई दिल्ली छोड़ने को तैयार नहीं है| पीसीसी के पूर्व अध्यक्ष अरुण यादव, पूर्व सांसद सत्यव्रत चतुर्वेदी, पूर्व मंत्री महेश जोशी से लेकर पूर्व सांसद प्रेमचंद गुड्डू, पूर्व विधायक अश्विन जोशी, पूर्व विधायक पीसी शर्मा, पीसीसी के पूर्व संगठन प्रभारी महामंत्री चंद्रिका प्रसाद द्विवेदी, पीसीसी मीडिया विभाग के पूर्व अध्यक्ष मानक अग्रवाल, मनोज शुक्ला, महेंद्र सिंह चौहान, आसिफ जकी ने दिल्ली में डेरा डाला हुआ है|

Manoj Goswami