दतिया-आयुष्मान का काढ़ा बना संजीवनी,भाई साहव की आवाज से जाग उठते कोरोना पेशेंट-

भाई साहव की आवाज से जाग उठते कोरोना पेशेंट-
आयुष्मान का काढ़ा बना संजीवनी-

– भाई साहव की आवाज से जाग उठते कोरोना पेशेंट-
आयुष्मान का काढ़ा बना संजीवनी-
दतिया में लगातार मध्यम गति से कोरोना मरीजों की संख्या में इजाफा हो रहा है । चिकित्सा विभाग भी गंभीर है वह लगातार जांचों की तरफ जागरूक है। अभी तक 15975 जांचे हो चुकी है।जिसमे 707 कोरोना पेशेंट पाए गए। 509 व्यक्ति स्वस्थ्य हो कर डिस्चार्ज हो चुके है।मृतकों की संख्या सिर्फ 4 है।

*आयुष्मान काढे का संजीवनी रूप-*
दतिया के कोरोना वार्ड में साधारण दवाओं के अलावा कुछ खास नही है। इस बीमारी में चिकित्सक मरीज के सम्पर्क में न आये वह भागते देखे जा सकते है। मरीज भी अपना मास्क व्यवस्थित करते देखे जाते है। इससे साफ है वायरस ने इंसानों की , इंसानियत गायब होती जा रही है ऐसे में यदि कोई एक व्यक्ति दिलजीत वाली बात होती है तो वह खबर है। जिला चिकित्सालय में कोरोना पेशेंट के लिए संजीवनी का काम इस समय आयुष्मान का काढ़ा कर रहा है आयुष्मान के पंचकर्म सहायक राजीव सेन कोरोना वार्ड में भर्ती पेशेंट को जब भाई साहब की आवाज लगाकर बुलाते हैं तो पेशेंट उनसे कड़ा लेने पहुंचने प्यार से पहुँच जाते हैं इस बीमारी में उनके द्वारा बनाये गए काढ़े में जितनी तासीर है उनता ही प्यार पंचकर्म सहायक राजीव सेन बातचीत मे अपनापन है। दवासाज रामस्वरूप कुशवाहा और राजीव सेन पूरे कोरोना वार्डों में घूम घूम कर भाई साहब की आवाज लगाते हुए दो टाइम काढ़ा देते हुए देखे जा सकते हैं।
आयुष्मान विभाग के आयुर्वेदिक चिकित्सा अधिकारी डॉ हितेंद्र पुरोहित का कहना है कोरोनावायरस से पीड़ित मरीज की इम्यूनिटी पावर बढ़ाने में यह काढ़ा सबसे अधिक सहायक है वर्तमान में यह संजीवनी का काम कर रहा है इसलिए मरीज को यह आयुर्वेदिक काढ़ा पीना आवश्यक है मरीज जब जिला अस्पताल से होमकोरन टाइन हो तब इस काढे को घर पर बनाकर पी सकते हैं।

Manoj Goswami