दतिया-अपनी जवाबदारी से  भाग रहा जिला प्रशासन – 

 

अपनी जवाबदारी से  भाग रहा जिला प्रशासन – 

दतिया/ देशभर के प्रमुख मंदिर खुल चुके है। लेकिन दतिया का प्राचीन शहरवासियों की आस्था का केंद्र विजय काली बड़ी माता मंदिर आज भी ताले में है। इस मंदिर पर रेलिंग सहित सभी सुविधाएं मौजूद है लेकिन मंदिर के पुजारियों को पंडा गिरी से फुरसत नही है। प्रशासन भी अपना कर्तव्य नही निभाना चाहता है। यहां वर्ष में दो बार बड़ा मेला लगता है। इस मंदिर पर शादी विवाह उपरांत नव विवाहिता हाथें लगाने भी आती है। जिला प्रशासन द्वारा इस मंदिर पर किसी तरह के सुरक्षा के इंतजाम नहीं किए गए । ना ही दानपात्र लगाया गया है यही कारण है यहां के पंडा मौजकर रहे है। और मातारानी ताले में है। जिला प्रशासन द्वारा यहां सिर्फ ताले के व्यवस्था की गई है। जिसे पंडितों ने लगा दिया है आज जिला प्रशासन की इस व्यवस्था से खासे नाराज देखे जा रहे हैं आपको बता दें पीतांबरा पीठ ट्रस्ट द्वारा भी मंदिर पर ताले की व्यवस्था की गई थी जबकि देशभर के मंदिर खुल चुके थे। जब प्रदेश के गृह एवं स्वास्थ्य मंत्री डॉक्टर नरोत्तम मिश्रा ने देखा की पीतांबरा पीठ ट्रस्ट के लोग अपनी जवाबदारी से भाग रहे हैं तो उन्होंने पहले पीतांबरा पीठ के व्यवस्थापक महेश दुबे से पूछा था कि देश भर के मंदिर खुले हैं लेकिन माई के पट क्यों बंद है इस बात का जवाब पीतांबरा पीठ के व्यवस्थापक नहीं दे पाए थे मंत्री डॉक्टर नरोत्तम मिश्रा ने विद्युत मंडल द्वारा आयोजित कार्यक्रम में मंच से जिला कलेक्टर श्री रोहित सिंह को मंदिर खुलवाने का आदेश दिया तो माई के दरबार मंदिर ट्रस्ट डे खोल दिए आज दर्शनार्थी सोशल डिस्टेंस के साथ दर्शन कर रहे हैं। हमारा भी जिला प्रशासन और पंडितों से अनुरोध है कि वह अपनी जवाबदारी से ना भागे यदि कोई भी अपनी जवाबदारी पूरी नहीं करना चाहता तो अपनी जवाबदारी दूसरों को दें लेकिन शहर में कोई भी मंदिर बंद ना रहे यह व्यवस्था जरूर बनाएं

Manoj Goswami