हनुमान टीला हनुमान मंदिर विवाद में महंत को मंदिर खाली करने के आदेश – महंत सरजूदास ने कहा पाॅच दिन में स्वयं कर देगें मंदिर खाली – महंत सरजूदास ने मामले न्यायायिक रिसीवर को सुप्रीम कोर्ट में याचिका चलने का दिया हवाला-
दतिया में हनुमान टीला मंदिर पर हुए मंहत सरजू दास और रामप्रिय दास के बीच विवाद, थमने का नाम नही ले रहा है। महंतों के विवाद के बीच कई दिनों से मंदिर की पूजा अर्चना में भी खलल है। इस मामले में दतिया न्यायालय ने पूर्व में मंहत सरजूदास को गद्दीदार मानते हुए मंदिर का आधिपत्य सौपा था। लेकिन मामला जब उच्चन्यायालय ग्वालियरं पहुॅचा तो न्यायालय ने धारा 146 सी आर पी सी तहत दोनों ही पक्षों को शून्य घोषित कर दिया। धारा 146 (1) दण्ड प्रक्रिया संहिता 1973 के तहत आदेश पारित किया। जिसमें हनुमान मंदिर टीला की समस्त समपत्तियां को शासन अभिरक्षा में कुर्क की जानी है इसके लिए बडौनी तहसीलदार को नियुक्त किया गया है। इस मामले में आज बडौनी तहसीलदार, गोविन्द सिंह, राजस्व निरीक्षक मनोज श्रीवास्तव, शिवनारायण श्रीवास्तव, अनुरूद्ध श्रीवास्तव, रामकुमार यादव मंदिर आधिपत्य के लिए पहुॅचे लेकिन महंत सरजूदास जो वर्तमान मंदिर के महंत है उन्होने पाॅच दिन का समय माॅगा है और सुप्रीम कोर्ट में मामला चलने का हवाला दिया है। स्वयं मंदिर को लिखकर खाली करने के लिए कहा है। फिलहाल मानवीय आधार पर शासन की टीम और महंत के बीच पाॅच दिन की सहमति बनी है आपके बता दे पूर्व में इस मंदिर पर इसी बात को लेकर खून खरावा हो चुका है और कई मामले कोतवाली में दर्ज है। इस मामले में गोविन्द सिंह तहसील दार ने कहा है यदि महंत द्वारा मंदिर को खाली नहीं किया जावेगा तो वेधानिक कार्यवाही होगी।