प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन जिला दतिया ने जिलाधीश महोदय श्री संदीप मांकीन व शिक्षा अधिकारी को दिया ज्ञापन।
ज्ञापन में विद्यालयों में निजी प्रकाशन की पुस्तकों को लेकर स्पष्ट जानकारी माँगी गई है।
पीएसए के मुताबिक कोई लिखित नियम आज दिनांक तक निजी प्रकाशन की किताबों से संबंधित संज्ञान में नहीं आया है।
सीबीएसई विद्यालयों के पास संबंधित सर्कुलर उपलब्ध तो है ।
विद्यालयों से मान्यता पोर्टल पर किताबों की जानकारी मांगी जा रही है जब की इस से जुड़ा कोई आधिकारिक सर्कुलर उनके संज्ञान में नहीं है।
उनके अनुसार जानकारी के अभाव में बीच सत्र में विद्यालयों पर बेवजह दबाव बनाया जाता है और आधारहीन बयानबाजी कर माहौल खराब करने का कुटिल प्रयास हर वर्ष किया जाता है
स्कूल शिक्षा विभाग से भी पुस्तकों को लेकर कोई स्पष्ट आदेश अवगत कराने की माँग कड़ी गई है जिससे बीच सत्र में पुस्तकों को लेकर भ्रम की स्थिति पैदा ना हो अभिभावकों के मन में यह शंका न रहे की स्कूल संचालक अपनी मनमर्जी से पुस्तक चलते हैं
कक्षा एक से आठवीं तक मान्यता को लेकर स्कूल शिक्षा विभाग की ओर से जो रजिस्टर्ड किरायानामा और एफडीआर की अनिवार्यता की गई है यह दोनों ही नियमों को पीएसए ने विसंगति पूर्ण बताया है जिस से स्कूलों पर बुरा प्रभाव पड़ रहा है
अतः इन सभी विषयों पर शासन का ध्यान समय रहते आकर्षित करने के लिए
पीएसए प्रदेश अध्यक्ष श्री अजीत सिंह जी के आवाहन पर कल 30 जनवरी गुरुवार को प्रदेश के सभी अशासकीय विद्यालय बंद करने का निर्णय लिया गया है
*इसी के तहत दतिया जिले के भी संपूर्ण विद्यालय चाहे वह किसी भी बोर्ड से मान्यता प्राप्त हो बंद रहेंगे*
ज्ञापन जिले के सभी ब्लॉक से आये पीएसए के लगभग के लगभग सदस्यों की उपस्थिति दिया गया
मुख्य रूप से संभागीय अध्यक्ष संतोष उपाध्याय , अध्यक्ष अनुभव राय, शांतनु अग्रवाल , मनिंदर सिंह , बंटी पाठक , फादर जोसेफ , सुनील सिंह कुशवाह ,जीतेश खरे, राजेश मोर ,केशव श्रीवास्तव , अरविंद पचौरी ,, आलोक सोनी आदि उपस्थित रहे।

