राहुल ने लिया झूठ का सहारा, सच आखिर आ ही गया सामने अब पूरे देश से राहुल को मांगना चाहिए माफी , जनता को क्यों किया था गुमराह

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट द्वारा राफेल डील को लेकर दायर सभी याचिकाएं खारिज कर दी है और इसके साथ ही विपक्षी दलों खासतौर पर कांग्रेस को बड़ा झटका लगा है। कोर्ट के इस फैसले के बाद सत्ता पक्ष हमलावर हो गया है।

केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह और कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कांग्रेस अध्यक्ष से माफी मांगने की मांग की है। वहीं भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित साह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए राहुल गांधी और कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। साथ ही उन्होंने चार बातें भी कहीं जिनमें तीन सवालों के जवाब भी मांगे हैं।

शाह ने मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि राफेल सौदे के संबध में आये सर्वोच्च न्यायालय के फैसले का हम स्वागत करते हैं। आज सत्य की जीत हुई है। देश की आजादी के बाद से एक कोरे झूठ के आधार पर देश की जनता को गुमराह करने का इससे बड़ा प्रयास कभी नहीं हुआ और ये दुर्भाग्यपूर्ण है कि यह प्रयास देश की सबसे पुरानी पार्टी कांग्रेस के अध्यक्ष के द्वारा किया गया।
शाह ने आगे कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष ने अपने और अपनी पार्टी के तत्काल फायदे के लिए झूठ का सहारा लेकर चलने की एक नई राजनीति की शुरुआत की और सुप्रीम कोर्ट के फैसले ने आज सिद्ध कर दिया है कि झूठ के पैर नहीं होते और अंत में जीत सत्य की ही होती है। राफेल खरीद के संबंन्ध में देश की जनता को गुमराह करने और सेना के बीच में संदेश पैदा करने के लिए राहुल गांधी को देश की जनता से मांफी मांगनी चाहिए

शाह ने कांग्रेस पर अपना हमला तेज करते हुए कहा कि सूरज के ऊपर कितना भी कीचड़ उछालो वो स्वयं पर ही गिरता है। आगे से राहुल गांधी ऐसे बचकाने आरोप लगाने से बचें।

कांग्रेस द्वारा कोर्ट के फैसले पर उठाए सवालों को लेकर कहा कि अगर उनके पास सारे सबूत थे तो वो कोर्ट क्यों नहीं गए। उनके पास इतनी सूचना कहां से आई, अगर आई है तो उसे सुप्रीम कोर्ट के सामने रखने से क्यों डरते हैं। कांग्रेस पार्टी एक काल्पनिक जगत बनाकर बैठी हुई है जिसमें सच और न्याय की कोई जगह नहीं है। सवाल भी कांग्रेस पार्टी खड़े करती है, वकील भी वही हैं और न्यायाधीश भी वहीं है। आज कांग्रेस पार्टी देश के सर्वोच्च न्यायालय के फैसले पर सवाल खड़ा कर रही है

admin