25-30 वर्ष बाद शिक्षक पात्रता परीक्षा लेना न्यायसंगत नहीं : सोनी
दतिया।
मप्र लिपिक वर्गीय शासकीय कर्मचारी संघ जिला दतिया के जिला अध्यक्ष रामकुमार सोनी ने कहा है कि प्रदेश में 25 से 30 वर्षों से शैक्षणिक कार्य में संलग्न शिक्षकों की पात्रता परीक्षा लेना न्यायसंगत नहीं है। उन्होंने कहा कि लोक शिक्षण संचालनालय भोपाल द्वारा जल्दबाजी में जारी किए गए पत्र से प्रदेश के लाखों शिक्षकों में असुरक्षा और रोष की स्थिति पैदा हो गई है।
उन्होंने मुख्यमंत्री से अपील करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार शिक्षकों के हित में शीघ्र निर्णय ले। सोनी ने कहा कि पात्रता परीक्षा की अनिवार्यता के विरोध में शिक्षक संगठनों की न्यायोचित मांग के समर्थन में मप्र लिपिक वर्गीय शासकीय कर्मचारी संघ जिला दतिया उनके साथ है और जल्दबाजी में जारी आदेश को सरकार वापस ले।
इस दौरान बदनाम सिंह यादव, महेश यादव, महेश कौशिक, रामप्रकाश तिवारी, देवेंद्र तिवारी, रामगोपाल वर्मा, रविदत्त त्रिपाठी, सुरेश कुमार श्रीवास्तव, सुरेंद्र कुमार अहिरवार, नंदकिशोर पटेरिया, श्रीमती किरण सक्सेना, जिला सचिव श्रीमती अलका त्रिपाठी, मानवेन्द्र सिंह परमार, संजय गुप्ता, राजेश गुप्ता, अजय कुमार तिवारी, आशीष खरे, अतुल श्रीवास्तव, सुनील माठे, हीरानंद खुबनानी, समीर श्रीवास्तव, मनोज साहू, ऋषिकेश श्रीवास्तव, मनीष शर्मा, संतोष स्वर्णकार, मानवेन्द्र सिंह गुर्जर, मोहम्मद फरहान खान, राजेन्द्र तिवारी, सुधीर कुमार, रणजीत सिंह, उमाशंकर अग्निहोत्री, लोकेश बुधौलिया सहित अन्य कर्मचारी उपस्थित रहे।
25-30 वर्ष बाद शिक्षक पात्रता परीक्षा लेना न्यायसंगत नहीं : सोनी
