नर्सिंग ऑफिसर्स का आरोप: “हमारे साथ अन्याय हो रहा, हमें हमारा हक दिलाया जाए
दतिया। शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय दतिया की नर्सिंग ऑफिसर्स ने डीन डॉ. दीपक सिंह मरावी के खिलाफ प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पिछले 18 महीनों से हो रहे कथित आर्थिक और मानसिक शोषण के विरोध में मोर्चा खोल दिया है। नर्सिंग ऑफिसर्स का कहना है कि उनके साथ अन्याय किया जा रहा है और शासन-प्रशासन उन्हें उनका अधिकार दिलाए।
नर्सिंग ऑफिसर्स ने बताया कि उनकी नियुक्ति वर्ष 2021 में हुई थी। इसके बाद भर्ती प्रक्रिया में अनियमितता पाए जाने पर तत्कालीन अधिष्ठाता और चयन समिति के विरुद्ध लोकायुक्त और ईओडब्ल्यू (EOW) द्वारा जांच प्रारंभ की गई थी। उनका कहना है कि पिछले 4–5 वर्षों में जांच का क्या निष्कर्ष निकला, इसकी जानकारी उन्हें नहीं दी गई। उन्होंने आरोप लगाया कि जांच के नाम पर दोषी अधिकारी आज भी सुविधापूर्वक कार्य कर रहे हैं, जबकि वे स्वयं पिछले 18 महीनों से परिवीक्षा अवधि समाप्त किए जाने, पूर्ण वेतन और नियमितीकरण के लिए परेशान हो रहे हैं।
नर्सिंग ऑफिसर्स ने यह भी बताया कि कुछ दिव्यांग नर्सिंग ऑफिसर्स को नियमित कर दिया गया है तथा जो नर्सिंग ऑफिसर्स म्यूचुअल ट्रांसफर के माध्यम से अन्य स्थानों पर चले गए, उनका भी नियमितीकरण किया जा चुका है। ऐसे में समान पद पर कार्यरत अन्य कर्मचारियों को नियमित न करना भेदभावपूर्ण कार्रवाई है।
उन्होंने कहा कि डीन को मौखिक और लिखित रूप से कई बार अपनी समस्याओं से अवगत कराया गया। इतना ही नहीं, माननीय उच्च न्यायालय ग्वालियर में याचिका भी दायर की गई, जिसमें डीन को उचित कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए थे। बावजूद इसके अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।
नर्सिंग ऑफिसर्स ने बताया कि उन्होंने सीएम हेल्पलाइन पर भी शिकायत दर्ज कराई है। उनका आरोप है कि शिकायत वापस लेने के लिए अधिकारियों द्वारा दबाव और धमकी दी जा रही है।
नर्सिंग ऑफिसर्स का कहना है कि वे स्वयं को आर्थिक और मानसिक रूप से शोषित महसूस कर रहे हैं। उन्होंने शासन और प्रशासन से मांग की है कि दोषियों को दंडित किया जाए, लेकिन निर्दोष कर्मचारियों को अनावश्यक रूप से प्रताड़ित न किया जाए और उन्हें उनका वैधानिक हक शीघ्र दिलाया जाए।

