दतिया के रंगकर्मी ओम कटारे को संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने किया सम्मानित

दतिया के रंगकर्मी ओम कटारे को संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने किया सम्मानित

नई दिल्ली/दतिया। दतिया की धरती पर जन्मे देश के प्रतिष्ठित वरिष्ठ रंगकर्मी, निर्देशक और अभिनेता ओम कटारे को रंगमंच निर्देशन के क्षेत्र में उनके उत्कृष्ट एवं निरंतर योगदान के लिए संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार 2024 से सम्मानित किया गया है। नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित विशेष अलंकरण समारोह में राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू ने उन्हें यह प्रतिष्ठित राष्ट्रीय सम्मान प्रदान किया।

समारोह में केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत, केंद्रीय राज्य मंत्री राव इंद्रजीत सिंह, संस्कृति मंत्रालय के सचिव विवेक अग्रवाल तथा संगीत नाटक अकादमी की अध्यक्ष डॉ. संध्या पुरेचा सहित कला एवं संस्कृति जगत की कई प्रमुख हस्तियां मौजूद रहीं।

संगीत नाटक अकादमी की सामान्य परिषद ने मार्च 2026 में हुई बैठक में वर्ष 2024 और 2025 के लिए देशभर के कलाकारों का चयन किया था। इन पुरस्कारों के लिए संगीत, नृत्य, रंगमंच, लोक एवं जनजातीय कला, कठपुतली और प्रदर्शन कलाओं की विभिन्न विधाओं से 108 कलाकारों का चयन किया गया। इसके अलावा 7 प्रतिष्ठित हस्तियों को अकादमी फेलोशिप (अकादमी रत्न) तथा 2024-25 के लिए 106 युवा कलाकारों को उस्ताद बिस्मिल्लाह खान युवा पुरस्कार के लिए चुना गया।

47 वर्षों की साधना का मिला राष्ट्रीय सम्मान

ओम कटारे का दतिया से मुंबई और फिर मुंबई से दिल्ली तक पहुंचने का सफर संघर्ष, साधना और रंगमंच के प्रति समर्पण से भरा रहा है। उन्होंने अपनी कला यात्रा को याद करते हुए कहा था कि दतिया से मुंबई और मुंबई से संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार तक पहुंचने में उन्हें 47 वर्षों का लंबा सफर तय करना पड़ा।

ओम कटारे मुंबई के प्रसिद्ध ‘यात्री थिएटर एसोसिएशन’ के संस्थापक हैं। उनके निर्देशन में रावण लीला, चिंता छोड़ो चिंतामणि और दिल्ली ऊंचा सुनती है सहित अनेक चर्चित नाटकों का मंचन किया गया है। रंगमंच निर्देशन और अभिनय के क्षेत्र में उनके लंबे योगदान ने उन्हें देश के प्रतिष्ठित रंगकर्मियों में स्थान दिलाया है।

1952 से दिए जा रहे हैं संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार

संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार वर्ष 1952 से प्रदान किए जा रहे हैं। ये पुरस्कार भारतीय प्रदर्शन कलाओं में उत्कृष्टता, उपलब्धि और निरंतर योगदान को सम्मानित करने के लिए दिए जाते हैं। अकादमी फेलोशिप के साथ 3 लाख रुपये, अकादमी पुरस्कार के साथ 1 लाख रुपये तथा ताम्रपत्र और अंगवस्त्रम प्रदान किया जाता है। वहीं उस्ताद बिस्मिल्लाह खान युवा पुरस्कार के साथ 25 हजार रुपये, ताम्रपत्र और अंगवस्त्रम प्रदान किए जाते हैं।

ओम कटारे को मिला यह सम्मान न केवल उनके 47 वर्षों की रंगमंच साधना की राष्ट्रीय पहचान है, बल्कि दतिया के लिए भी गौरव का विषय है। उनके सम्मान से दतिया का नाम देश के कला एवं रंगमंच के क्षेत्र में एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर पर रोशन हुआ है।