दतिया में राशन घोटाले पर प्रशासन का बड़ा एक्शन: वार्ड 14 और 19 की सरकारी राशन दुकान का लाइसेंस निलंबित
दतिया। शहर में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) में अनियमितताओं के खिलाफ प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए वार्ड क्रमांक 14 और 19 में संचालित ‘दुर्गाजी प्राथमिक सहकारी उपभोक्ता भंडार’ का उचित मूल्य दुकान (राशन दुकान) का लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। जांच में स्टॉक और वितरण रिकॉर्ड में गंभीर गड़बड़ियां सामने आने के बाद यह कार्रवाई की गई।
हितग्राहियों की शिकायतों के बाद हुई जांच
बताया गया है कि वार्ड 14 और 19 के अनेक हितग्राहियों ने शिकायत की थी कि उन्हें पात्रता के अनुसार पूरा राशन नहीं दिया जा रहा है। यह शिकायतें जनसुनवाई में भी दर्ज कराई गई थीं। शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए जिला आपूर्ति विभाग ने कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी पंकज करोरिया को जांच के निर्देश दिए।
30 जून को दुकान का आकस्मिक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान मौके पर मौजूद हितग्राहियों ने भी अधिकारियों के सामने आरोप दोहराए कि उन्हें निर्धारित मात्रा से कम राशन दिया जाता है और पूर्व में की गई शिकायतों का समाधान नहीं हुआ।
जांच में सामने आई बड़ी अनियमितता
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने दुकान में उपलब्ध खाद्यान्न का भौतिक सत्यापन किया। पीओएस (पॉइंट ऑफ सेल) मशीन में दर्ज स्टॉक और वितरण रिकॉर्ड का मिलान करने पर वास्तविक स्टॉक में बड़ा अंतर पाया गया। जांच रिपोर्ट में अनियमितताओं की पुष्टि होने पर जिला आपूर्ति अधिकारी ने दुकान का लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि मामले में अंतिम निर्णय होने तक दुकान का संचालन पूरी तरह बंद रहेगा।
हितग्राहियों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था
प्रशासन ने यह भी सुनिश्चित किया है कि वार्ड 14 और 19 के पात्र हितग्राहियों को राशन वितरण में किसी प्रकार की परेशानी न हो। इसके लिए संबंधित राशन दुकान को अस्थायी रूप से मां वैष्णो देवी प्राथमिक सहकारी उपभोक्ता भंडार, वार्ड क्रमांक 22 से संबद्ध किया गया है।
जिला आपूर्ति अधिकारी ने निर्देश दिए हैं कि राशन का वितरण वर्तमान दुकान के स्थान पर अथवा उसके आसपास से ही कराया जाए, ताकि बुजुर्गों, महिलाओं एवं अन्य हितग्राहियों को अनावश्यक दूरी तय न करनी पड़े। साथ ही वितरण व्यवस्था पर लगातार निगरानी रखने के निर्देश भी दिए गए हैं।
पारदर्शिता की दिशा में सख्त कदम
प्रशासन की इस कार्रवाई को सार्वजनिक वितरण प्रणाली में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और गरीबों के हक का राशन सही हितग्राहियों तक पहुंचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि राशन वितरण में लापरवाही या अनियमितता पाए जाने पर भविष्य में भी इसी तरह की सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

