जिला अभिभावक संघ द्वारा तहसील, एस.डी.एम न्यायालयों को पुराने कलेक्ट्रेट में लाये जाने की मांग को लेकर मुख्यमंत्री के नाम सौपा ज्ञापन

जिला अभिभावक संघ द्वारा तहसील, एस.डी.एम न्यायालयों को पुराने कलेक्ट्रेट में लाये जाने की मांग को लेकर मुख्यमंत्री के नाम सौपा ज्ञापन
दतिया। जिला अभिभाषकों द्वारा तहसील व एस.डी.एम. न्यायालयों को पुराने कलेक्ट्रेट भवन में पुनः स्थान्तरित किये जाने सहित 9 सूत्रीय जनहितैषी मांगों को लेकर जिला अभिभाषक संघ अध्यक्ष राम सहाय छिरौल्या के नेतृत्व में गुरूवार को नवीन कलेक्ट्रेट पहुंचकर मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में उल्लेख किया गया है कि जिस कलेक्ट्रेट भवन को पुराना घोषित किया जा रहा है वास्तव में वह सर्वसुविधायुक्त है तथा नगर के मध्य में होने से आम जनता के आवागमन की सुविधा है, नवीन कलेक्ट्रेट भवन शहर से 10 कि.मी. दूरी पर बनाकर वहाॅं कार्यालय स्थापित कर दिये है, जिससे जनता भारी परेशान है। ज्ञापन में अन्य मांगों जिनमें लोक सेवा केन्द्र की अनिवार्यता समाप्त करने, अभिभाषकों के चेम्बर निर्माण हेतु भूमि आवंटित किये जाने, प्रशासन द्वारा प्रस्तावित किये गये अधिवक्ता सामुदायिक उपयोग भवन स्वीकृत करने, नगर में किराये के भवनों में संचालित विभिन्न शासकीय विभागों बाल न्यायालय, रोजगार कार्यालय, विक्रय कर, महिला बाल विकास परियोजना कार्यालय आदि को पुराने कलेक्ट्रेट भवन में स्थान्तरित किये जाने के साथ-साथ जिला प्रशासन में राजस्व न्यायालयों में लम्बे समय से एक ही स्थान पर पदस्थ कर्मचारियों को शासन की स्थानान्तरण नीति के तहत स्थानान्तरण किये जाने के अलावा जनता की सुरक्षा हेतु शहर कोतवाली किला चैक पर स्थापित किये करने की मांग शामिल की गई हे। ज्ञापन देने वालों में मुख्य रूप से उपाध्यक्ष मुकेश गुप्ता, सचिव अनिल पालीवाल, संयुक्त सचिव पंकज श्रीवास्तव, कोषालय हरीओम गुप्ता, पुस्तकालय अध्यक्ष गिरिराज सिंह, कार्यकारिणी सदस्यगण शंभूदयाल गोस्वामी, अरविन्द वैद्य, वीर सिंह दांगी, अनुवेद श्रीवास्तव, रामरूप सिंह परिहार सहित वरिष्ठ अभिभाषकगण राजेश खरे, राजेश पाठक, अशोक कौशिक, इतरत अली जैदी, केएस. मिश्रा, वीरेन्द्र सिंह राजपूत, जे.पी.शर्मा, रामकुमार शर्मा, राजेश पस्तोर, अशोक दांगी, बनमाली साहू, उत्तम दांगी, रमेश पटवा, विनोद शरण पाण्डेय, राकेश श्रीवास्तव, कमलेश मिश्रा, राकेश चैबे, दिनेश मिश्रा, वहीद खान, ज्ञानसिंह कुशवाहा, नीरज चतुर्वेदी, रवि तिवारी, जीतेन्द्र वर्मा सहित एक सैकड़ा से अधिक अभिभाषक उपस्थित रहे।